(प्रज्ञा अवतार संवाददाता)
मथुरा, 11 जून। आधुनिकता के नाम पर युवाओं में हो रहे गलत परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए गायत्री परिवार ने तीन दिवसीय युग निर्माता शिक्षक शिविर का शुभारंभ किया है। वृंदावन रोड स्थित गायत्री तपोभूमि में गुरुवार से शुरू हुए इस शिविर का उद्घाटन गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सुपुत्र एवं बहुभाषीय पत्रिका 'अखंड ज्योति' के प्रकाशक मृत्युंजय शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शिविर को संबोधित करते हुए तपोभूमि के व्यवस्थापक ईश्वर शरण पांडेय ने कहा कि युग निर्माण योजना की सफलता का सबसे बड़ा दायित्व शिक्षकों के ऊपर है। आने वाली पीढ़ी को शिक्षक यदि शिक्षा के साथ विद्या का भी अभ्यास कराएंगे तो स्कूलों में छात्र शिक्षित ही नहीं बल्कि संस्कारवान भी बनेंगे।
इस मौके पर पंडित आचार्य की पौत्री डा. मृणालिनी शर्मा ने "अपने जीवन में लिख देंगे युग निर्वाणी" गीत गा कर शिक्षकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रमोद शर्मा ने शिक्षकों को नए-नए अनुसंधान व छात्रों में प्रतिभा संवर्धन के वैज्ञानिक प्रयोग बताएं। हिमानी दुबे ने युग निर्माण के 18 सत्संकल्पों की विस्तार से व्याख्या की।
शिविर के संचालक भृगु नाथ प्रसाद तिवारी ने बताया कि मोबाइल की दुनिया में सबसे ज्यादा छात्र भ्रमित हो रहे हैं उन्हें सही दिशा देने के उद्देश्य से शिक्षकों का उक्त तीन दिवसीय शिविर आयोजित किया गया है। शिविर में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई राज्यों से बड़ी संख्या में शिक्षक सम्मिलित हुए हैं।
अन्य वक्ताओं में डा. आशा सरसिज, सूर्यमणि तिवारी, अशोक पांडेय, हरे राम शर्मा, डा. दीनदयाल अमृते, रेनू पाठक, शाश्वत पांडेय, एवं राम मुरारी गुप्ता थे।

0 Comments