श्री सेठ ने कहा की हमें चित्रपट शिवाजी सहित उन तमाम बलिदानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने भारत की संस्कृति एवं धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। देश के कोने-कोने से आए सैकड़ो सनातनी आंदोलनकारी का आवाहन करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि बाल दिवस 14 नवंबर के बजाय 26 दिसंबर को मनाना चाहिए जिस दिन गुरु तेग बहादुर के चार बच्चों ने हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था।
इस अवसर पर दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पहले जिहादी आतंकवादी जहाँ-तहाँ बम धमाके करते थे, लेकिन अब उन्हें ऐसा करने से पहले ही मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे जा रहे हैं, जिससे तथाकथित सेक्युलरों के पेट में दर्द हो रहा है, और यह दर्द आनेवाले समय में और भी बढ़ेगा।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर शांतिगिरी महाराज, सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बाळाजी आठवले की आध्यात्मिक उत्तराधिकारी शतशक्ति श्रीमती बिंदा सिंगबाळ और श्रीचित्शक्ति श्रीमती अंजली गाडगीळ, ‘सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन’ के अध्यक्ष और भारत के पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाण, हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे और सनातन संस्था के प्रवक्ता अभय वर्तक द्वारा दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
श्री मिश्रा ने आगे कहा कि पहले की सरकारों में जब राष्ट्र के वास्तविक समस्याओं पर चर्चा की आवश्यकता होती थी, तब स्वयं सरकार ही उसका विरोध करती थी और सवाल उठता था कि ऐसे विषयों पर चर्चा कहाँ की जाए। किंतु आज हो रहे ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ को केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का समर्थन प्राप्त है। आनेवाले समय में धर्म और संस्कृति की रक्षा एवं उत्थान के लिए प्रत्येक नागरिक को निरंतर कार्यरत रहने का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सभी उपस्थितों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर राष्ट्रभावना को जागृत किया। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी इस कार्यक्रम को सहयोग दिया। उद्घाटन समारोह में श्री सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्यांश का दर्शन सभी को कराया गया तथा संतों के हस्ते पूजन कर उसका माहात्म्य बताया गया। इस अवसर पर सनातन संस्था निर्मित हिंदी पुस्तक ‘संकल्प रामराज्य का’ और वेदवीर आर्य लिखित अंग्रेज़ी ग्रंथ ‘क्रॉनोलॉजी ॲन्ड ओरिजिन्स ऑफ इन्डो युरोपियन सिविलाइजेशन’ का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।
भारत को ‘विकृति सामग्री मुक्त’ देश बनाएं! – उदय माहूरकर
आज ओटीटी और सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लीलता का प्रसार हो रहा है। जैसे हिंदवी स्वराज्य की स्थापना हुई, वैसे ही हिंदू राष्ट्र के निर्माण हेतु भारत की शिक्षा प्रणाली में अनुशासन और कठोरता आवश्यक है। हर भारतीय को ‘विकृति सामग्री मुक्त भारत’ का संकल्प लेना चाहिए, ऐसा आवाहन श्री उदय माहूरकर ने किया।
आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए अढ़ाई मोर्चों पर लड़ाई आवश्यक! – अभय वर्तक
सनातन संस्था के प्रवक्ता अभय वर्तक ने कहा कि आज देश का कोई भी जिला या राज्य ऐसा नहीं है जहाँ आतंकवादियों के ‘स्लीपर सेल’ न हों। दो मोर्चों पर सेना और सरकार लड़ रही है; आधे मोर्चे पर जनता को लड़ना होगा। तभी आतंकवादियों को पूरी तरह रोकना संभव होगा। इसी उद्देश्य से हम देश की राजधानी कुरुक्षेत्र के समीप ‘सनातन राष्ट्र’ का शंखनाद कर रहे हैं। इस अवसर पर चैतन्य तागड़े व रमेश शिंदे ने अतिथियों का स्वागत और संचालन टीवी एंकर श्वेता त्रिपाठी ने किया।

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